परिजनों के अनुसार, सोएब 16 अगस्त को अपनी बहन को लेकर घर लौटा था। गांव के युवाओं ने गंगा के रेतीले तट पर तिरंगा फहराया था। शनिवार रात तेज बारिश के बाद गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर तिरंगा बहने लगा। रविवार 17 अगस्त को सोएब ने तिरंगे को बचाने के लिए गंगा में उतरने का फैसला किया।
सोएब बिना अपनी जान की परवाह किए तेज धारा में चला गया। पानी की गहराई और बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा। साथ मौजूद रेहान खान और अन्य युवाओं ने उसे बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद साथी उसे तत्काल अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सोएब का परिवार भी देशसेवा से जुड़ा रहा है। उसके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि चाचा क्राइम ब्रांच में हवलदार और बड़ा भाई हैदराबाद में सेफ्टी ऑफिसर है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां, पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने युवक के गंगा में डूबने की सूचना मिलने की पुष्टि की।