वाराणसी शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। शनिवार को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना स्वच्छता अभियान में लापरवाही बरतने वाले एक जोनल अधिकारी और आठ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।
रविवार को नगर निगम पहुंचे विधि, न्याय एवं खेल राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भी बैठक कर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के पेच कसे। दो टूक कहा, सफाई व्यवस्था में लापरवाही अब नहीं चलेगी। श्री काशी-विश्वनाथ गली में नियमित तौर पर रोजाना तीन बार सफाई कराई जाए।
सभी वार्डों में जल्द से जल्द स्वच्छता टीम का गठन किया जाए। मंत्री ने कहा कि नगर की सफाई व्यवस्था की रोजाना मानीटरिंग होगी। जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां के सफाई सुपरवाइजर एवं सफाई कर्मियों के साथ ही जोनल अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
स्वच्छता कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकता है और इसमें हीलाहवाली कतई बरदाश्त नहीं की जाएगी। आदमपुर के जोनल अधिकारी को अपने क्षेत्र के वार्डों की जानकारी न होने पर जमकर फटकार लगाई।
पक्का महाल में सफाई दुरुस्त न होने पर निजी एजेंसी आईएलएफएस पर गहरी नाराजगी जताई और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। आदमपुर, कोतवाली एवं दशाश्वमेघ जोनल कार्यालय एवं वार्डों का निरीक्षण कर स्थिति देखी। कहा कि स्वच्छता में जो वार्ड और जोन अव्वल आएंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।