अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि पहले चरण में 27 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसमें कई पुरातन काल से, काशी खंडोक्त और गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित मंदिर हैं। दूसरे चरण में विग्रह व प्रतिमाओं के बाद तीसरे चरण में मंदिर परिक्षेत्र के शिवलिंगों को स्थापित कराया जाएगा। इसकी पूरी सूची मंदिर प्रशासन को सौंप दी गई है।
भव्य होगा मां सरस्वती का मंदिर
सरस्वती फाटक पर स्थित मां सरस्वती का मंदिर धाम क्षेत्र में अपने भव्य स्वरूप में स्थापित होगा। इसके लिए दो करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। पहले मां सरस्वती की प्रतिमा सरस्वती फाटक पर एक दीवाल में स्थापित थीं लेकिन आने वाले समय में श्रद्धालुओं को बाबा के धाम में मां सरस्वती के दर्शन भव्य मंदिर में होंगे।
पहले चरण के मंदिर
अन्नपूर्णा जी, पार्वती जी, अवमुक्तेश्वर महादेव, सत्यनारायण जी, लक्ष्मी जी, गणेश जी, सन्मुख विनायक, दुर्मुख विनायक, प्रमोद विनायक, भारत माता मंदिर, सरस्वती जी, हनुमान जी, नीलकंठ महादेव, अमृतेश्वर महादेव, चंडी चंडेश्वर महादेव, त्रिसंध्य विनायक, स्वर्गद्वारेश्वर महादेव, मोक्षद्वारेश्वर, बद्रीनारायण, दत्तात्रेय, राधाकृष्ण, अक्षयवट हनुमान, मणिकेश्वर विनायक, तुलसीदास हनुमान, अपरेश्वर महादेव, अविमुक्तेश्वर महादेव, हनुमान जी, अन्नपूर्णा जी (कनाडा)।