बाबा के धाम में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए रैंप का इंतजाम किया गया है। गंगा द्वार तथा ज्ञानवापी द्वार से रैंप के जरिए श्रद्धालु बाबा के धाम में प्रवेश कर सकेंगे और बाबा का दर्शन भी कर पाएंगे।
श्री काशी विश्वनाथ धाम।
- फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा छोर पर दो मंजिला मुमुक्षु भवन को 1161 वर्गमीटर भूमि पर आकार दिया गया है। इसमें मोक्ष की कामना से 36 बुजुर्गों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके लिए मेडिकल बेड लगाए गए हैं और परिसर में ही चिकित्सक की भी व्यवस्था रहेगी। मोक्ष कामना से प्रवास करने वाले श्रद्धालु नित्य गंगा स्नान के साथ ही बाबा का दर्शन भी पाएंगे। उनके लिए यज्ञ-हवन और रामचरित मानस व शिव महापुराण के श्रवण का इंतजाम भी रहेगा। अप्रैल से इसका संचालन आरंभ हो जाएगा।
श्री काशी विश्वनाथ धाम
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स्वर्णमंडित गर्भगृह में विराजमान काशीपुराधिपति का दरबार नव संवत्सर में पूरी तरह से स्वर्ण मंदिर में तब्दील हो जाएगा। गर्भगृह की भीतरी दीवारों के बाद अब बाहरी दीवारों को भी 23 किलो सोने से स्वर्ण मंडित किया जा रहा है। जमीन से आठ फीट की ऊंचाई से शिखर तक सोना लगाया जा रहा है। गर्भगृह को 37 किलोग्राम सोने से स्वर्णमंडित किया गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया काशी विश्वनाथ धाम के दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। यात्रियों को जल्द ही धाम में नई सुविधाएं मिलने लगेंगी। भवनों के संचालन के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।