धाम में शामिल मंदिर मणिमाला का इतिहास देश और दुनिया के भक्तों तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। उनके स्थापना से लेकर आध्यात्मिक महात्म्य को सहेजते हुए एक खास एप्लीकेशन की मदद से इन मंदिरों का महत्व भक्तों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए बीएचयू के डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री के साथ ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का भी सहयोग लिया गया है।
इसके माध्यम से कॉरिडोर में बने मंदिरों के नजदीक आते ही उस मंदिर का इतिहास ऑडियो-वॉइस के जरिए लोगों को सुनाई देगा, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इन ऐतिहासिक मंदिरों को एक्सपर्ट टीम की मदद से कार्बन डेटिंग के जरिये संजोया गया है। साथ ही मंदिरों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए मैनुअल सिस्टम भी रखा जाएगा।
बाबा की कचहरी के साथ 178 विग्रहों के पुण्यलाभ
बाबा के दरबार आने वाले श्रद्धालुओं को शिव कचहरी, देव गैलरी, काशी खंडोक्त मंदिरों के साथ 178 विग्रह के दर्शन का पुण्यलाभ मिलेगा। धाम परिसर में निर्माण के दौरान 139 विग्रह, 39 काशी खंडोक्त विग्रह और 27 प्राचीन देवालय मिले हैं।