सूत्रों के अनुसार अहमदाबाद की कंपनी को टेंडर मिलने की संभावनाएं अधिक हैं। टेंडर डालने वाली कंपनियों में दिल्ली की शापूर्जी इंजीनियरिंग कंपनी, अहमदाबाद की पीएपी प्रोजेक्ट लिमिटेड, हैदराबाद की रैंकी व मुंबई की कार्वी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने टेंडर डाला है। टेंडर जारी होने के बाद जनवरी के प्रथम सप्ताह से निर्माण कार्य की कवायद शुरू हो जाएगी।
जीरो कार्बन उत्सर्जन क्षेत्र होगा काशी धाम
पर्यावरण प्रदूषण की समस्या झेल रही काशी में काशी विश्वनाथ धाम पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा। काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि 60 और 40 के अनुपात में धाम क्षेत्र को तैयार किया जा रहा है।
इसमें 60 फीसदी निर्माण और 40 फीसदी वन क्षेत्र होगा। इसमें रुद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे, जो इस क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा धाम क्षेत्र में सीवेज के ट्रीटमेंट के लिए 25 एमएलडी का एसटीपी भी बनाया जाएगा। जलासेन घाट स्थित सीवेज सिस्टम को अंडरग्राउंड करके धाम क्षेत्र की नालियों से जोड़ा जाएगा।
कंसल्टेंट होंगे नियुक्त
जनवरी महीने से शुरू होने वाले विश्वनाथ धाम के निर्माण की निगरानी के लिए इस महीने के अंत तक कई तकनीकी कंसल्टेंट नियुक्त किए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम में प्रोजेक्ट डिजाइनर, सीनियर आर्किटेक्ट, लैंड स्केप डिजाइन के एक्सपर्ट, पर्यावरण, यातायात, जीओ टेक्निकल विशेषज्ञ के अलावा इलेक्ट्रिकल और वित्त विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। निर्माण के दौरान वास्तु एवं धार्मिक महत्व की चीजों को बनाए रखने के लिए भी एक टीम बनाई जाएगी।
ललिता घाट की बढ़ेगी भव्यता
जलासेन और ललिता घाट के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी एक मंच तैयार किया जा रहा है। इस मंच पर वर्ष भर विविध सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इसके अलावा कॉरिडोर क्षेत्र में सांस्कृतिक और सामूहिक गतिविधियों के लिए मल्टीपरपज हाल भी तैयार किए जाएंगे।
वाराणसी गैलरी होगी आकर्षण का केंद्र
काशी विश्वनाथ धाम में वाराणसी गैलरी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें भारत की आध्यात्मिकता को दर्शाने वाली गैलरी का निर्माण किया जाएगा।
म्यूजियम में संजोएंगे काशी की धरोहरें
काशी की धरोहरों को संजोने के लिए काशी विश्वनाथ धाम में सिटी म्यूजियम बनाया जाएगा। इसमें काशी की धरोहरों की ऐतिहासिक तस्वीरें और पेंटिंग को श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए रखा जाएगा।