शैवाल ने बढ़ाई समस्या
कुछ दिनों पहले गंगा में हरे शैवाल के कारण अस्सी से ललिता घाट के बीच कई जगहों पर गंगाजल का रंग हरा हो गया था। इस मामले की जब जांच कराई गई तो जिला प्रशासन ने बताया था कि मिर्जापुर से एसटीपी से बहकर यह शैवाल आए हैं। वहीं आईआईटी बीएचयू के नदी विज्ञानी प्रो. यूके चौधरी ने प्रशासन की रिपोर्ट को खारिज करते हुए पीएम और सीएम को पत्र लिखकर कहा था कि यह शैवाल एसटीपी से नहीं ललिता घाट पर गंगा की धारा को रोकने के कारण गंगा में पैदा हुए हैं।