काशीपुराधिपति का ध्वज 50 हजार वर्गमीटर में फहरेगा। कैबिनेट में काशी विश्वनाथ धाम की डीपीआर मंजूर होने के बाद निर्माण कार्य के लिए दीपावली से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नवंबर तक निर्माण कंपनी तय कर दिसंबर में काम की विधिवत शुरुआत करने की तैयारी है। टेंडर तय होने के 18 महीने में बाबा का भव्य मंदिर तैयार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की मंजूरी कैबिनेट से मिलने के बाद अब भव्य मंदिर की परिकल्पना साकार होगी। पहले चरण में मंदिर परिसर और दूसरे चरण में गंगा घाट क्षेत्र को विकसित किया जाएगा।
सरे चरण का काम गंगा तट पर स्थित नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट तक का हिस्सा शामिल है। एक किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र से श्रद्धालु स्नान करके आसानी से मंदिर तक दर्शन पूजन करने के लिए जा सकेंगे।
काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) की तर्ज पर होगा। 318.67 करोड़ रुपये की इस परियोजना को पूरा करने का जिम्मा एक ही कंपनी को सौंपा जाएगा। यहां बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनेइस ड्रीम प्रोजेक्ट का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को किया था।
इससे पहले 29 जून 2018 को राज्य सरकार ने काशी विश्वनाथ धाम के लिए अध्यादेश लागू किया था और मंदिर परिक्षेत्र के भवनों के अर्जन की अधिसूचना जारी की थी। एक सितंबर 2018 को इस संबंध में अधिनियम भी सरकार की ओर से पारित किया गया था।
काशी विश्वनाथ मंदिर को धाम में विकसित करने के लिए 300 इमारतों की पहचान की गई। इसमें 95 फीसदी भवन खरीदे जा चुके हैं और ज्यादातर को ध्वस्त किया जा चुका है।
शिवभक्तों को यह मिलेंगी सुविधाएं
काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद तीर्थयात्रियों को संकरी गलियों के सहारे मंदिर पहुंचने से मुक्ति मिल जाएगी। तीर्थयात्री सीधे मणिकर्णिकाघाट, जलासेन व ललिताघाट से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने सकेंगे। दिव्यांग तीर्थयात्री व वीआईपी ही छत्ताद्वार से प्रवेश करेंगे। यह 50 फीट से ज्यादा चौड़ा होगा।
गलियारे के दोनों तरफ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर परिसर में चौक का निर्माण होगा। इसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यवसायिक केंद्र, पुलिस प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं द्विव्यांगों के लिए स्केलेटर और मोक्ष भवन निर्मित होंगे। परियोजना में 330 मीटर लंबाई, 50 मीटर चौड़ाई और घाट से 30 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराया जाएगा।
काशी विश्वनाथ धाम परियोजना
परियोजना का कुल क्षेत्रफल 50 हजार वर्गमीटर
निर्माण का कुल क्षेत्रफल 27,969 वर्गमीटर
बाह्य विकास क्षेत्र (पाथ वे सहित) 19,642 वर्गमीटर
घाट विकास क्षेत्रफल 7,857 वर्गमीटर
परियोजना पूरी होने का समय कार्य प्रारंभ होने से 18 महीने
परियोजना में पुर्नवास की स्थिति
मुआवजा देकर खाली कराए गए दुकानदार 199
दुकानदारों के मद में व्यय धनराशि 4.13 करोड़
मुआवजा देकर खाली कराए गए किरायेदार 369
किराएदारों के मद में व्यय धनराशि 15.43 करोड़
भवन खरीदने में व्यय
वित्तीय वर्ष 2017-18 40 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2018-19 250 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2019-20 108.33 करोड़ रुपये
सवा दो सौ साल बाद होगा मंदिर का जीर्णोद्धार
काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार 1780 में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। इसके बाद आसपास मंदिर बने और मंदिरों की सेवा करते-करते निवास स्थान बन गए। इसके चलते आनंद कानन का अविमुक्त क्षेत्र भवनों से घिर गया।