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दिसंबर में शुरू हो जाएगा काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण, इतने करोड़ की आएगी लागत

Wed, 02 Oct 2019 03:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ/वाराणसी

सार

  • निर्माण कार्य के लिए दीपावली से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
  • नवंबर तक निर्माण कंपनी तय कर दिसंबर में काम की विधिवत शुरुआत करने की तैयारी है
  • 18 महीने में बाबा का भव्य मंदिर तैयार किया जाएगा
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ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम की डीपीआर को मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। 318.67 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत गंगा घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक 50 हजार वर्गमीटर के क्षेत्र भव्य रूप दिया जाएगा। 

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अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य के लिए दीपावली से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नवंबर तक निर्माण कंपनी तय कर दिसंबर में काम की विधिवत शुरुआत करने की तैयारी है। 18 महीने में बाबा का भव्य मंदिर तैयार किया जाएगा।

इसके बाद विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी के हृदय में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की परिकल्पना अब साकार होगी। दुनियाभर के शिवभक्त गंगा स्नान के बाद सीधे काशी विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगे।

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आठ मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसके बाद राजकीय निर्माण निगम ने यहां काम शुरू कर दिया था। काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन होने के बाद काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की कवायद शुरू हुई थी। 

योजना के द्वितीय चरण में निर्माण कार्यों के लिए वाराणसी के मंडल आयुक्त ने 461.86 करोड़ रुपए का प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इसके सापेक्ष कैबिनेट ने 318.67 करोड़ रुपए जारी करने की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दी है।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है। योजना के प्रथम चरण में चिन्हित 296 भूमि-भवनों के क्रय के लिए वाराणसी के जिलाधिकारी को वर्ष 2017-18 में 40 करोड़ रुपए तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 358.33 करोड़ सहित कुल 398.33 करोड़ जारी किए हैं। परिषद द्वारा अब तक कुल 267 सम्पत्तियां खरीदी गई है इनमें से 247 भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है।

इस तरह होगा काम
पहले चरण में मंदिर परिसर और दूसरे चरण में गंगा घाट क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण का काम गंगा तट पर स्थित नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट तक का हिस्सा शामिल है। एक किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र से श्रद्धालु स्नान करके आसानी से मंदिर तक दर्शन पूजन करने के लिए जा सकेंगे।
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मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम के डीपीआर की मंजूरी के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। नवंबर तक टेंडर तय कर दिसंबर में काम शुरू कराने की योजना है। इसका टेंडर ईपीसी(इंजीनियरिंग प्रेक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) के तहत किया जाएगा।
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