महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सत्र 2026-27 में प्रवेश की प्रक्रिया एनईपी के तहत कराई जाएगी। इसे लेकर गाइडलाइन तैयार कराई जा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार ऐसे कोर्स जिसमें प्रवेश के लिए 10 से कम आवेदन आएंगे, उनमें विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। इसके अलावा अगर किसी कोर्स में 15 से कम आवेदन आते हैं तो जब तक 10 विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले लेंगे तब तक उनकी संबंधित कोर्स में फीस नहीं जमा कराई जाएगी। विवि में स्नातक में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 11 अप्रैल से जबकि 1 मई से स्नातकोत्तर की प्रक्रिया शुरू होनी है।
पिछले दिनों प्रवेश समिति की बैठक में तिथि पर मुहर लगने के बाद अब प्रवेश बुलेटिन, ऑनलाइन आवेदन का प्रारुप तैयार कराने सहित अन्य तैयारियां चल रही हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल की प्रवेश की व्यवस्था बदली नजर आएगी। इस साल बीएससी कोर्स में 50 फीसदी सीट (स्ववित्तपोषित) में बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा अन्य कोर्स में भी सीटों को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
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अभ्यर्थियों के लिए जो बुलेटिन तैयार करवाई जा रही है। इसमें विस्तार से जानकारी दी गई है। इस बार एमसीए, एमबीए, बीएड कोर्स को भी प्रवेश की बुलेटिन में शामिल किया जाएगा। इस साल प्रवेश की व्यवस्था में जो बदलाव किया जा रहा है उसमें जिन पाठ्यक्रमों में 10 से कम आवेदन आएंगे उनमें प्रवेश की प्रक्रिया नहीं शुरू होगी। इसके अलावा एलएलबी, बीएड, कंप्यूटर साइंस समेत जिन पाठ्यक्रमों में नियामक संस्थाओं की ओर से प्रवेश परीक्षा कराई जाती है। वहीं, पाठ्यक्रम अब व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत आएंगे।
अधिकारी बोले
सत्र 2026-27 में प्रवेश की प्रक्रिया एनईपी के तहत कराई जाएगी। इसे लेकर प्रवेश की बुलेटिन तैयार कराई जा रही है। इसमें कोर्स वार सीट, फीस की पूरी जानकारी दी जाएगी। इस महीने के अंत तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ये बुलेटिन अपलोड करा दी जाएगी। -प्रो. एके त्यागी, कुलपति, काशी विद्यापीठ