छात्रों का कहना था कि जब प्रश्नपत्र ही नहीं बना था तो परीक्षा की तारीख क्यों घोषित कर दी गई। परीक्षा केंद्र पर ही छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धरने की सूचना पर कुलसचिव डॉ एसएल मौर्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को शांत कराया और छात्रों ने पूरे मामले की जांच की मांग की।
कुलसचिव ने पूरे मामले की जांच का लिखित आदेश जारी किया तब जाकर छात्र शांत हुए। छात्रनेता राजमंगल पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की इस लापरवाही से शासन को अवगत कराया जाएगा। प्रदर्शन में आदित्य कुमार, शुभम सिंह, शिवम त्रिपाठी, अनुराधा मिश्रा, रोहित सिंह, मनीष सिंह शामिल रहे। कुलसचिव डॉ एसएल मौर्य ने बताया कि मामले में जांच का आदेश जारी कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी।