महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव के प्रचार के दौरान शनिवार को परिसर का माहौल तल्ख हो गया। महामंत्री पद की प्रत्याशी नरेंद्र देव हॉस्टल के छात्रों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए केंद्रीय कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं।
वहीं इस आरोप को गलत बताते हुए हॉस्टल के छात्र भी हास्टल के बाहर धरने पर बैठ गए। दोनों एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर बड़े रहे, हालांकि बाद में चीफ प्राक्टर के आश्वासन पर दोनों ही पक्षों ने धरना समाप्त किया।
काशी विद्यापीठ में महामंत्री पद की प्रत्याशी अंकिता सिंह शनिवार की दोपहर नरेंद्र देव हॉस्टल में चुनाव प्रचार के लिए गई थीं। अंकिता सिंह का आरोप है कि हॉस्टल में कुछ लड़कों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
उनके साथ गाली गलौज और धक्का मुक्की की। इस मामले में अंकिता सिंह ने सिगरा थाने में तहरीर भी दी है। विरोध में समर्थकों के साथ वो धरने पर बैठ गईं। इसकी जानकारी जब हॉस्टल के छात्रों को लगी वो भी अंकिता के विरोध में धरने पर बैठ गए।
उनका कहना था कि अंकिता सिंह शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे छात्रों हॉस्टल में प्रचार करने आईं थीं, हालांकि वार्डन ने हॉस्टल में आने की अनुमति नहीं दी। छात्रों ने भी कहा कि उनके साथ किसी ने अभद्र व्यवहार नहीं किया है। हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरा है, इसकी जांच करा ली जाए।
उन्होंने अंकिता सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर धरने की सूचना पर कुलानुशासक प्रो. शंभुनाथ उपाध्याय मौके पर पहुंचे। उन्होंने अंकिता सिंह व उनके समर्थकों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
वहीं देर शाम छात्रों को भी आश्वासन देकर धरना खत्म कराया। चीफ प्राक्टर प्रो. उपाध्याय ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई है। मामले की जांच के लिए पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से जांच कर रही है।