कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने प्रबंधक एसोसिएशन के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अलबत्ता परीक्षा को सुचारु ढंग से कराने के लिए कुछ बदलाव करने के संकेत उन्होंने दिए। नोडल सेंटर बढ़ाए जा सकते हैं।
कुलपति कार्यालय में बुधवार की शाम हुई बैठक में पहली मार्च से शुरू होने जा रही वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी की समीक्षा की गई। एक दिन पहले कुलपति से मिलकर स्वकेंद्र प्रणाली से परीक्षा कराने और प्रश्नपत्र के अलावा उत्तरपुस्तिकाएं विश्वविद्यालय से उपलब्ध कराने के प्रबंधक एसोसिएशन के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
कुलपति ने कहा कि स्वकेंद्र प्रणाली किसी भी दशा में नहीं लागू की जा सकती है। फिलहाल वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, सोनभद्र में विद्यापीठ से संबद्ध कॉलेजों में परीक्षा के लिए कुल 22 नोडल सेंटर बनाए गए है। इन सेंटरों पर उत्तर पुस्तिकाएं जमा होंगी और सुबह छह बजे प्रश्नपत्र भी वहीं से संबंधित केंद्रों पर भिजवाए जाएंगे। कुलपति ने परीक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए नोडल सेंटर बढ़ाने के साथ ही कुछ और बदलाव करने के संकेत दिए।