बैठक में संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण पर भी मुहर लग गई। न्यास परिषद की बैठक में बाबा को अमूल के पैकेट दूध चढ़ाने पर आपत्ति जताई गई। उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि अमूल का दूध कंटामिनेटेड होता है। बाबा के अभिषेक के लिए मंडी से दूध खरीदा जाएगा उसी दूध से अभिषेक होगा।
इस बीच मंदिर से सटे संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण के बाद उस परिसर को गौशाला में तब्दील कर वहां गाय पाली जाएगी और वहीं का दूध बाबा को चढ़ाया जाएगा। बैठक ने रामघाट स्थित मेहता अस्पताल को खरीदने की मंजूरी दी गई है। न्यास परिषद की बैठक में मंदिर के नियमित व आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में विसंगति को दूर करने के लिए वित्त निदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित की गई।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक में अमूल के दूध पर रोक का निर्णय लिया गया है। मंडी से कच्चे दूध से बाबा का अभिषेक होगा। मंदिर को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के लिए किराए का भवन लिया जाएगा।