हाथ से गोला फेंकने के साथ ही साथ बंदूक से गोला फेंकने के लिए कितने अंश के कोण पर इनको फेंका जाए कि वे दूर तक जाएं साथ ही साथ पिन निकलने के कितने समय के अंतर हो इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। उसको भीड़ के उपर कैसे फेंक दिया जाए यह जानना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस मौके पर सीओ सीटी अरुण सिंह, चन्द्रकेश सिंह, उमेश कुमार, कोतवाल विपिन सिंह, शशिमौलि पांडेय, सत्येंद्र राय, नागेश उपाध्याय, गगनराज सिंह, संजय त्रिपाठी, राजेश सिंह सहित अन्य थानों के थानाध्यक्ष और सिपाही मौजूद रहे।
पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में दंगा नियंत्रण को लेकर चल रहे प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्हें प्रशिक्षण से संबंधित बातें बता कर आंसू गैस की गन दे दी गई। जिसे पकड़ने के बाद उन्होंने आनन-फानन में मीडिया की ओर ही तान दी। भले ही जिलाधिकारी का यह अंदाज मजाकिया हो, लेकिन कुछ देर के लिए मीडियाकर्मी सकपका गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए बंदूक की नाल दूसरी तरफ कराई। तब जाकर मीडियाकर्मियों ने राहत की सांस ली। मामले को चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।