धर्म, कला, अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। काशी फिल्म महोत्सव के साथ ही काशी फिल्म सिटी का ब्रांड अंबेसडर बनने की ओर अग्रसर हो गई। सितारों से सजी सोमवार शाम को काशी महोत्सव के आगाज के साथ ही मनोरंजन की दुनिया से शहर बनारस का रिश्ता मजबूत हुआ।
सिगरा स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पहली बार तीन दिवसीय काशी फिल्म महोत्सव की शुरुआत हुई। रुद्राक्ष से लेकर सिगरा स्टेडियम तक फिल्मी सितारों का जमघट लगा रहा। सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि काशी का विकास देश के लिए मापदंड साबित हो रहा है। काशी के कण कण में शंकर विराजमान है और यहां के हर शब्द में दर्शन है। जो लोग काशी को जानते हैं वह काशी को समझते भी हैं। यहां करोड़पति भी रिक्शे पर बैठता है तो कहो राजा गोदौलिया चलबा कहकर उसे राजा बना देता है। काशी विश्वनाथ के दर्शन के दौरान 1916 में महात्मा गांधी द्वारा की गई टिप्पणी का जिक्रकरते हुए कहा कि इतने अर्से बाद भी बापू की भावनाओं की किसी भी राजनीतिक दल ने चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के भावनाओं को फलीभूत करने का कार्य किया। आज श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पूरी दुनिया को अचंभित किए हुए हैं। कॉरिडोर के बनने से मां गंगा का साक्षात्कार बाबा विश्वनाथ से हो रहा है।
सांसद रवि किशन ने गोरखपुर में भी भोजपुरी फिल्मों के निर्माण पर जोर दिया। अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। नोएडा, जेवर में फिल्म इंडस्ट्रीज का निर्माण हो रहा है। इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण की सर्वाधिक संभावनाएं बढ़ेंगी। इस दौरान अभिनेता अनुपम खेर, सतीश कौशिक, खेसारी लाल, इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंडित, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लाइज के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे उपस्थित रहे।
चाणक्य और चंद्रगुप्त का हुआ मंचन
काशी फिल्म महोत्सव की शुरुआत चाणक्य और चंद्रगुप्त नाटक से हुई। कलाकार मनोज जोशी के चाणक्य और चंद्रगुप्त नाटक के मंचन को हर किसी ने सराहा। इसमें चाणक्य मनोज जोशी, चंद्रगुप्त मौर्य राजीव भारद्वाज और अमात्य राक्षस का अभिनय अशोक बाठिया ने किया।
हर साल इसी नाम से होगा आयोजन
वाराणसी। यूपी में निर्माणाधीन अत्याधुनिक फिल्म सिटी की ब्रांडिंग के लिए फिल्म बंधु द्वारा खास तौर पर डिजाइन किए गए तीन दिवसीय आयोजन में नई शुरुआत का उत्सव मनाया जाएगा। दुनिया को कला, संस्कृति और अध्यात्म का संदेश देने वाला बनारस रुपहले पर्दे पर हमेशा चमकता रहा है। दशकों से गोवा में होने वाले नेशनल फिल्म फेस्टिवल ने इस शहर में काशी फिल्म महोत्सव के रूप में अवतार लिया। अब यह आयोजन प्रतिवर्ष काशी में इसी नाम से किया जाएगा।
वसुधैव कुटुंबकम के भाव पर निर्मित हो रही है फिल्म सिटी
वाराणसी। अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि यूपी में बन रही फिल्म सिटी वसुधैव कुटुंबकम के भाव पर निर्मित हो रही है। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया के लिए होगी। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में बस एक ही भाव है जो हर हिंदुस्तानी को जोड़ता है वह है देशभक्ति का। काशी फिल्म महोत्सव फिल्म सिटी को एक नया आयाम देगा। देश ही नहीं दुनिया में काशी का जो नाम है उसमें एक नया सितारा जुड़ जाएगा। आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी फिल्म सिटी का प्रतिनिधित्व करेगी। कहा कि हैदराबाद के रामो जी फिल्म स्टूडियो से पांच गुना बड़ी, अत्याधुनिक तकनीकों से लैस यूपी फिल्म सिटी अगले 20 साल की जरूरतों को ध्यान में रख कर डिजाइन की जा रही है। एक सवाल पर अनुपम ने कहा कि काशी पर 2 मिनट में कुछ नहीं बोल सकते । दो सौ जन्म लग जाएंगे काशी को बयान करने में। फिल्म सिटी से जुड़े सवाल पर कहा बनारस में वह सब कुछ है जो फिल्मकारों को चाहिए।
गंगा आरती में हुए शामिल अनुपम, मधुर व सतीश
वाराणसी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाले विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक आरती में अभिनेता अनुपम खेर के साथ निर्देशक मधुर भंडारकर व सतीश कौशिक शामिल हुए। करीब एक घंटे तक दशाश्वमेध घाट पर उन्होंने आरती देखी। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, सचिव हनुमान यादव ने प्रसाद अंगवस्त्रम व मोमेंटो से स्वागत किया। अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि आरती देख कर मन को शांति मिलती है।