काशी को 15 अगस्त 2018 तक पॉलिथीन मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जल्द ही टॉस्क फोर्स का गठन किया जाएगा। हर महीने दो बार टॉस्क फोर्स की बैठक होगी। गुरुवार को वाराणसी विकास समन्वय समिति की बैठक में यह जानकारी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने दी। साथ ही, शहरवासियों से सुझाव, समर्थन और सहयोग की अपील की।
मलदहिया विनायक प्लाजा स्थित मुख्यालय पर हुई समन्वय समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि पॉलिथीन का नुकसान तुरंत नहीं दिखता लेकिन भविष्य के लिए यह बेहद गंभीर चुनौती है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे पॉलिथीन के विकल्पों को बढ़ावा दें।
प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों और व्यवसायियों ने इस मौके पर काशी को पॉलिथीन मुक्त करने के लिए कई अहम सुझाव दिए। कहा कि ‘पॉलिथीन फ्री’ काशी के लिए इच्छाशक्ति और जागरूकता सबसे जरूरी है।
चरणबद्ध और सुव्यवस्थित अभियान चलाया जाए। संजीदगी भी बरती जाए और सख्ती भी। पहले एक क्षेत्र चिह्नित कर जनसहयोग की बदौलत उसे पॉलिथीन मुक्त करें। फिर अगले का चयन कर वहां मुहिम चलाएं और पिछले का फॉलोअप भी करें।
यह आध्यात्मिक शहर है। जन जागरूकता के लिए धर्माधिकारियों से अपील कराएं। हाफ मैराथन जैसे आयोजन हों। शहरवासियों को सजग करें कि वे झोला लेकर आएं। पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें। इसके लिए सरकारी, गैरसरकारी स्तर पर कैंपेन चलाए जाएं और उपहार के तौर पर झोला-थैला बंटवाए जाएं।
स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटकों से जागरूकता लाई जाए।
सुझाव देने वालों में समिति के अध्यक्ष आरके चौधरी, यूआर सिंह, महेश चौधरी, नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार योगेश राणा, वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह आदि शामिल थे।
प्लास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रबोध मेहरा ने सुझाव दिया कि व्यापारिक हितों का ध्यान रखते हुए ऐसे प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाई जाए, जिसकी रिसाइकिलिंग न हो सके और 50 माइक्रान के नीचे हो।
इससे पहले पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने की शपथ समिति के संरक्षक वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने दिलाई। अध्यक्ष आरके चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विषय की स्थापना की। संचालन राजेंद्र कुमार दूबे और धन्यवाद ज्ञापन कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य अरुण मिश्रा ने किया।