मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की इमरजेंसी में मंगलवार को 100 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। इमरजेंसी में करीब 20 मरीजों को भर्ती किया गया। इसमें पांच से अधिक मरीजों को तेज बुखार था जबकि तीन मरीज ऐसे थे जिनको चक्कर आ रहा था। उधर विश्वनाथ धाम में मंगलवार की दोपहर में श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी। सूचना मिलने के बाद गेट नंबर चार से पांच श्रद्धालुओं को 108 एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया।
तेज बुखार वालों के लिए आइस मसाज का सहारा
सरकारी अस्पतालों में आने वाले तेज बुखार वाले मरीजों के इलाज में आइस पैक से मसाज का सहारा लिया जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रखे आइसपैक खत्म हो गए तो रिजर्व स्टॉक में रखे पैक से उपचार किया गया।
मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि तेज बुखार वाले मरीजों का आइस मसाज करने के 10-15 मिनट बाद उनकी बॉडी ठंडी हो जाती है। जिससे धीरे धीरे राहत मिलने लगती है।
बोले अधिकारी
गर्मी में मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ी है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक आने वाले सभी मरीजों का उपचार करने के साथ ही डॉक्टरों की ओर से गर्मी से बचाव की सलाह भी दी जा रही है। बहुत जरूरी न हो तो दोपहर में तेज धूप के समय घर से निकलने से बचना चाहिए।
- डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
वाराणसी में बीती रात हुई बारिश।
- फोटो : अमर उजाला
दस दिन बाद तापमान में बढ़ोतरी का ग्राफ बीती रात नीचे आ गया। अधिकतम तापमान पिछले 24 घंटे में तीन डिग्री सेल्सियस होकर रिकॉर्ड बना गया। 54 साल बाद जून के महीने में तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 1969 में न्यूनतम तापमान इस स्तर पर पहुंचा था।
वहीं, दिन में नम हवाएं चलने से धूप का असर कम रहा। रात में शहर के कई इलाकों में 10 मिनट तक बारिश से मौसम बदल गया। मौसम वैज्ञानिक इस बारिश को लोकल हीटिंग (एक स्थान पर बारिश होना, दूसरे पर न होना) के साथ ही प्री-मानसून की दस्तक बता रहे हैं।
कई दिनों से गर्मी से परेशान लोगों को मंगलवार को थोड़ी राहत मिली। सुबह से ही बादलों की आवाजाही देखने को मिली, हवा में नमी रही। दोपहर में धूप भी अन्य दिनों की तुलना में थोड़ी कम रही। शाम को भी हवा चलती रही, इस कारण लोगों ने राहत महसूस की।
न्यूनतम तापमान 31.6 (सोमवार का तापमान) से बढ़कर 33.2 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस (सोमवार का तापमान) रहने के बाद मंगलवार को 43.1 दर्ज किया गया।
रात में पांडेयपुर, कचहरी, अनौला से लेकर नदेसर, सिगरा, लंका, भोजूबीर सहित कई जगहों पर तेज हवा के साथ 10 मिनट तक बारिश हुई। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि दो-तीन दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। 25 जून के बाद मानसून आने के आसार हैं।