मुकुट पूजन के साथ काशी की ऐतिहासिक चित्रकूट रामलीला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। पूजनोपरांत प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों ने जनकल्याणार्थ लीला संपादन का संकल्प लेकर मुकुट धारण किया और सिंहासन पर विराजमान हुए।
काशी में लगभग 500 वर्ष पुरानी विश्वप्रसिद्ध श्री चित्रकूट रामलीला का शुभारंभ सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधान के साथ हुआ। बड़ा गणेश स्थित अयोध्या भवन में श्री चित्रकूट रामलीला समिति के ओर से आयोजित अनुष्ठान में सर्वप्रथम गणेश, वरुण, किरीट, मुकुट एवं रामायण पूजन संपन्न हुआ।
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पूजनोपरांत प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों ने जनकल्याणार्थ लीला संपादन का संकल्प लेकर मुकुट धारण किया और सिंहासन पर विराजमान हुए। इस पावन अवसर पर भजन मंडलियों द्वारा मंगलाचरण एवं रामचरितमानस के बाल-काण्ड का संगीतमय सस्वर पाठ किया गया, जिससे समूचा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रभु के अलौकिक दर्शन कर तुलसी का प्रसाद ग्रहण किया। अंत में लीला व्यवस्थापक पं० मुकुन्द उपाध्याय द्वारा की गई महाआरती के साथ प्रथम दिवस का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सुबोध अग्रवाल, मोहन कृष्ण अग्रवाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।