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काशी के घाटों का बदलेगा स्वरूप: 41.22 करोड़ से संवरेंगी ऐतिहासिक धरोहरें, विशेष कॉरिडोर डेस्टिनेशन वेडिंग भी

Mon, 08 Jun 2026 02:24 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों का स्वरूप अब और भव्य बनाया जाएगा। 41.22 करोड़ रुपये की लागत से घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। अस्सी घाट से काशी विश्वनाथ धाम तक विशेष कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही काशी के घाटों को डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
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काशी के दरभंगा घाट पर खड़ीं नावें। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: काशी के घाटों का कायाकल्प होने जा रहा है। इन घाटों को डेस्टिनेशन वेडिंग के प्रमुख केंद्र के आधार पर विकसित किया जाएगा। यहां लोग शादी-विवाह और अन्य आयोजन करा सकेंगे। घाटों पर लाइटिंग, चेंजिंग रूम, आधुनिक डस्टबिन, वेडिंग फोटोशूट के लिए हेरिटेज डेस्टिनेशन जोन और स्थानीय पौधों से लैंडस्केपिंग की जाएगी।

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पर्यटन विभाग के ओर से इसका मास्टर प्लान तैयार किया गया है। घाटों के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी आधारशिला डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। इसके लिए 41.22 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया है। अस्सी घाट से दशाश्वमेध और काशी विश्वनाथ मंदिर तक दो भागों में कॉरिडोर बनाया जाएगा। 

इसके लिए कुल 12.31 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे गोदौलिया के रास्ते दशाश्वमेध आने वाले पर्यटकों को काशी विश्वनाथ मंदिर जाने में आसानी होगी। उन्हें दशाश्वमेध पहुंचते ही आध्यात्मिक आभा का अनुभव कराया जाएगा। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती करने वाले अर्चकों के लिए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। 

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8 मीटर ऊंचे दीप स्तंभ से होगी पहचान 
पर्यटकों की सुविधा के लिए घाटों पर दिशा-सूचक और गंतव्य-सूचक साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे, जो घाट के महत्व और इतिहास की जानकारी देंगे। इसके अलावा, घाटों की पहचान के रूप में लगभग 8 मीटर ऊंचे दीप स्तंभ बनाए जाएंगे, जो रात के समय रोशनी से जगमगाएंगे।
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काशी के विभिन्न घाटों के विकास और सुंदरीकरण का कार्य पर्यटन विभाग की ओर से कराया जाएगा। घाटों की पुरानी और क्षतिग्रस्त सीढ़ियों, पत्थरों और संरचनाओं को बदला जाएगा। श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए कई घाटों पर रैंप का निर्माण भी कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि काशी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिले। - जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
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