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Varanasi: कम उम्र में लड़कियों की शादी कुपोषण की वजह, काशी-सीएसआर कॉन्क्लेव में राज्यपाल ने कही ये बात

Tue, 24 Sep 2024 04:58 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

कमिश्नरी सभागार में काशी-सीएसआर काॅन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस दौरान कंपनियों ने 80 करोड़ का समझौता किया। इससे गांवों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास होगा।
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काशी-सीएसआर कॉन्क्लेव में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कमिश्नरी सभागार में काशी-सीएसआर कॉन्क्लेव के दौरान कई कंपनियों के बीच 80 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में सोमवार को कुल सात एमओयू हुए। इसमें गांवों के विकास के लिए ओएनजीसी ने 27.5 करोड़, पावर ग्रिड ने 12 करोड़ और आरईसी ने 20 करोड़ रुपये का सहयोग दिया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हंस फाउंडेशन ने 10 करोड़, सीडब्ल्यूसी ने 3.5 करोड़, आईसीडीएस के लिए गेल इंडिया ने 1.4 करोड़ रुपये और एनसीएल ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में सीएसआर के तहत 90 लाख रुपये दिए।

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कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कम उम्र में बच्चियों की शादी ही कुपोषण की बड़ी वजह है। सरकार गर्भवती माताओं को पहले और दूसरे बच्चे के लिए सहायता राशि भी दे रही है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ लड़कियों को कम मिल रहा है। अभिभावकों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने सभी से संकल्प लेने को कहा कि 20 साल से पहले बच्चियों की शादी न करें।

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सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू

राज्यपाल पटेल ने पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को किट बांटा। कुपोषण के विरुद्ध उत्कृष्ट कार्य करने वाली नौ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर को प्रमाणपत्र दिया। पांच लाभार्थियों को लैपटॉप भी दिया। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों और राजकीय बालगृह को आईएसओ प्रमाणपत्र सौंपा। सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की। एसबीआई द्वारा अनुदानित वृद्ध मित्र वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

2030 तक 50 प्रतिशत बच्चों को दिलानी है उच्च शिक्षा
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि 2030 तक 50 प्रतिशत बच्चों को उच्च शिक्षा में एडमिशन के टारगेट को पाना होगा। इसके लिए निचले स्तर से प्रयास हो। कहा कि स्मार्ट क्लास के संचालन के दौरान वहां अध्यापक जरूर मौजूद रहें। कक्षाओं की रैंडम चेकिंग हो। भिक्षा मांगने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए। मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि काशी में लगभग 65000 करोड़ की विकास परियोजनाएं संचालित हैं। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने राज्यपाल के प्रयासों पर आभार जताया। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने कहा कि काशी समृद्धि अभियान में 25 साल से कम उम्र की लड़कियों और महिलाओं की जांच कराई गई। जिसमें 67150 महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त मिलीं। इनको फोलिक एसिड और आयरन की गोलियां देकर 58000 महिलाओं को एनीमिया से मुक्त किया गया।
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