संजयकांत के मुताबिक विश्व बैंक में वह जोखिम प्रबंधन का काम देखेंगी और इसकी रिपोर्ट विश्व बैंक के अध्यक्ष को भी देंगी। 2005 में सिंगापुर में एसबीआई को स्थापित करने की जिम्मेदारियों का भी अंशुला ने बखूबी निर्वहन किया। अंशुलाकांत की इस उपलब्धि पर बैंक से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और शहर के लोगों ने खुशी जताई है। सबने कहा, यह हमारे लिए गौरव का विषय है।
पत्नी की उपलब्धि पर पति को गर्व :
अंशुलाकांत के पति संजयकांत ने कहा कि पत्नी की इस उपलब्धि पर ना केवल मुझे बल्कि पूरे परिवार और रिश्तेदारों व परिचितों को गर्व है। गंगा, बाबा विश्वनाथ के अलावा गंगा आरती आदि से उनका काफी जुड़ाव है। दर्शन पूजन के अलावा बनारस घरानों के संगीत से गहरा लगाव है। यहां के संगीतकारों को खाली समय में सुनती हैं। कई बार हम लोगों के बीच विभिन्न मुद्दों पर डिबेट होती है। कभी वे जीत जाती हैं तो कभी मैं जीत जाता हूं।