2012 में मऊ में शहीद हुए थे कोतवाल गोविंद सिंह
पुलिस और बदमाशों की आमने-सामने की मुठभेड़ की बात की जाए तो पूर्वांचल में आखिरी बार 18 अप्रैल 2012 को मऊ जिले के अवस्था इब्राहिम उर्फ मठिया गांव में कोतवाल गोविंद सिंह शहीद हुए थे। सवा पांच घंटे चली मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए थे।
इससे पहले मार्च 2001 में मिर्जापुर जिले में लालगंज क्षेत्र की रजवाहा पुलिया के समीप बदमाशों से मुठभेड़ में वाराणसी के जैतपुरा थानाध्यक्ष अजय सिंह शहीद हो गए थे, जबकि तत्कालीन सारनाथ थानाध्यक्ष केपी सिंह और पहड़िया चौकी इंचार्ज रतन सिंह यादव घायल हो गए थे।
भीड़ के हमले में गई थी दीवान सुरेश वत्स की जान
भीड़ के हमले की बात की जाए तो 29 दिसंबर 2018 को गाजीपुर जिले में जाम लगाए लोगों ने करीमुद्दीनपुर थाने के दीवान सुरेश प्रताप वत्स को पीट-पीट कर मार डाला था।
इसके अलावा आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर वाराणसी जिले के जंसा थाना के हरसोस, फूलपुर क्षेत्र, रोहनिया क्षेत्र, लोहता सहित अन्य इलाकों में कई बार पथराव और हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।