शायर कैफी आजमी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यापर्ण करते पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव
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नामचीन शायर कैफी आजमी का जन्म शताब्दी समारोह सोमवार को आजमगढ़ जिले में उनके पैतृक गांव मेजवां स्थित फतेह मंजिल में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कैफी आजमी गर्ल्स कालेज और चिकनकारी सेंटर की छात्राओं द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
कैफी की नज्म ‘प्यार का जश्न नई तरह मनाना होगा, गम किसी के दिल में सही गम को मिटाना होगा’ सुन सभी की आंखें नम हो गई। इसके साथ ही कैफी की नज्में लिखीं दो हजार पतंगों का वितरण किया गया। जब यह पतंगें आकाश में पहुंची तो पूरा आसमान कैफी की नजमों से सरोबार हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत एसडीएम ललित कुमार, पूर्व विधायक श्यामबहादुर यादव और आशुतोष त्रिपाठी ने प्रगतिशील शायर कैफी आजमी की मूर्ति पर दीप प्रज्वलित और माल्यार्पण कर किया। इस दौरान लोगों ने उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
एसडीएम ललित कुमार ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे महान तरक्की पसंद शायर के क्षेत्र में काम करने का मौका मिला। उनके बारे में बहुत सारी जानकारियां भी मिल रही हैं। उन्होंने अपने गांव में हर तरह की सुविधा दे रखी है।
पूर्व विधायक श्यामबहादुर यादव ने कहा कि कैफी साहब ने अपनी शायरी से समाज को बहुत कुछ दिया है लेकिन उन्हें श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे। कैफी साहब की शायरी में गरीबों और मजलूमों का दर्द समाहित है। लालिमा चौहान, विमला, शक्तिभामा ने कैफी साहब की नज्म को पेश किया। शायर रफीक आजमी ने अपनी नज्म से वाहवाही लूटी।