वाराणसी। मलदहिया लोहामंडी के पास मैनहोल के सीवर लाइन में आईपीडीएस के तार डालने के मामले में कार्यदायी एजेंसी टाटा पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही सीवर लाइन की मरम्मत में आने वाले खर्च का भार भी कार्यदायी एजेंसी द्वारा उठाया जाएगा। यह निर्देश पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता मनोज अग्रवाल में दिया है।
नगर आयुक्त गौरांग राठी ने मलदहिया के पास सीवर लाइन में आईपीडीएस के तार डालने के स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता, जलकल के महाप्रबंधक नीरज गौड़ और कार्यदायी एजेंसी टाटा के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्य अभियंता ने बताया कि मलदहिया से लोहा मंडी की तरफ 750 मीटर 33 केवी की आईपीडीएस की तार डाली गई है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तार डालने के दौरान सीवर लाइन की दीवारों को डैमेज कर दिया गया । मैनहोल को भी क्षतिग्रस्त कर तार डाल दिया गया। इससे सीवर लाइन चोक हो गई है। आसपास के इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या खड़ी हो गई। निरीक्षण में कार्यदायी एजेंसी टाटा की गलती पाई गई जिस पर मुख्य अभियंता ने 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त में सीवर लाइन की मरम्मत कर तत्काल लाइन को चालू करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने कहा कि मरम्मत कार्य में जो भी खर्च आएगा उसका वहन कार्यदायी एजेंसी करेगी।