वाराणसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार की शाम गंगा में जल परिवहन की नितिन गडकरी की योजना को सिरे से खारिज कर दिया। तुलसी घाट पर स्वच्छ गंगा अभियान के तहत आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि गंगा में जहाज चलाना तो दूर, बड़ी नावें भी नहीं चल पाएंगी। उन्होंने इस योजना के क्रियान्वयन से पहले गंगा की मौजूदा स्थिति की जांच कराने की सलाह दी।
कहा, जब तक गंगा अविरल नहीं बहेगी, तब तक निर्मलता का सपना पूरा नहीं होगा। इससे पहले उन्होंने प्रो. वीरभद्र मिश्र अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार आईआईटी बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय और प्रो. एसके मिश्रा को प्रदान किया।
पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर देर शाम तुलसी घाट पहुंचे डॉ. जोशी ने बताया कि महामना मालवीय ने अंग्रेजों से लड़कर हरिद्वार में न्यूनतम प्रवाह बनाए रखने संबंधी समझौता कराया था लेकिन उसका पालन सिर्फ ब्रिटिश हुकूमत तक ही हुआ। अब सरकारें उस समझौते का पालन नहीं कर रही हैं।
उन्होंने चेताया कि अगर यही हाल रहा तो गंगा तालाब की तरह रह जाएगी। बड़े-बड़े डैम बनाकर गंगा को बांध दिया गया है। यह पावन धारा समाप्त होगी तो मानव सभ्यता का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
अतिथियों का स्वागत संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि गंगा में बेरोकटोक नाले बहाए जा रहे हैं। उन्हें रोका जाना चाहिए। इससे पहले समारोह की शुरुआत प्रो. वीरभद्र मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।
पं. हरिराम द्विवेदी ने गंगा गीत सुनाया। संचालन किया बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. वीएन मिश्र ने। इस मौके पर डॉ. एचएस शुक्ला, डॉ. राजेश्वर आचार्य, प्रो. बीएनपी त्रिपाठी, विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव, रवींद्र जायसवाल, अशोक पांडेय, डॉ. अनूप मिश्र, रामयश मिश्र उपस्थित थे।