यह भी कहा कि आभूषण नहीं बदला जाएगा। कहीं भी शिकायत कर सकती हैं। कुछ नहीं होगा। पुलिस के उच्चाधिकारी परिचित हैं। इस मामले में आभूषण कारोबारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इससे धोखाधड़ी और नकली आभूषण बेचने का सिलसिला थम सकेगा। कैंट इंस्पेक्टर प्रभुकांत ने बताया कि तहरीर के आधार पर आभूषण कारोबारी कृष्णा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ आभूषण कारोबारी कृष्णा ने कहा कि अर्दली बाजार पुलिस चौकी की महिला सिपाही का आभूषण बदल दिया गया था। अब दबाव बनाया जा रहा है।
जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता विकास सिंह के मुताबिक भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा में दर्ज मुकदमे में सजा के प्रावधान भी हैं।
- 420: अधिकतम एक अवधि की सजा, जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। जुर्माने का भी प्रावधान।
- 406: एक अवधि की सजा, जिसे तीन वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है। जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
- 504: दो वर्ष तक की सजा। जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
- 506: एक अवधि की सजा, जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है। या जुर्माना या दोनों जुर्माने और अपराध के लिए कारावास से दंडित किया जाता है।
ठगी से बचाने के लिए सरकार ने आभूषणों पर हॉलमार्किंग जरूरी कर दी है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। कुछ आभूषण कारोबारी नकली हालमार्किंग के जरिये आभूषण बेच रहे हैं। इससे आभूषण की गुणवत्ता संदेह के घेरे में रहती है। इसी की आड़ में नकली आभूषण भी बेचे जाते हैं। कम कैरेट वाले सोने के आभूषण ज्यादा कैरेट के बताकर बेचे जाते हैं। चौक थाना क्षेत्र के सुड़िया सराफा मंडी में पहले इस तरह का मामला सामने आ चुका है।