प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पर्यटन और कारोबार को पंख लगेंगे। नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए गंगा में जेटी लगाए जाएंगे। मल्टी डेस्टीनेशन योजना के तहत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। अगले माह निविदा जारी करने की तैयारी है।
प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेज दिया गया है। इनके लगने से गंगा में सैर सपाटे के दौरान एक ओर जहां पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। दूसरी ओर जलमार्ग से कारोबार को भी गति मिलेगी। बनारस में पांच जेटी बननी हैं। बाकी 10 का निर्माण आसपास के जिलों में होगा।
एक करोड़ होगा खर्च एक जेटी पर
आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए बनारस में रामनगर, सामने घाट, अस्सी घाट, राजघाट, कैथी में जेटी बनेगी। राजघाट और अस्सी पर पहले से छोटी जेटी है, लेकिन इसे और विस्तार दिया जाएगा। चंदौली के बलुआघाट, गाजीपुर के सैदपुर, चोचकपुर, जमानिया, स्टीमर घाट और डुंगरपुर, बलिया में सरायकोटा, भरौली, कंसपुर, मझौवा में जेटी बनेंगे। प्रत्येक जेटी पर तकरीबन एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।