प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने शनिवार को यहां सीएम के ड्रीम प्रोजेेक्ट ‘वरुणा कॉरिडोर’ के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने पर सिंचाई विभाग के दो जेई को निलंबित कर दिया। साथ ही, इन पर एफआईआर कराने के साथ जेल भेजने का निर्देश डीएम को दिया। फिलहाल दोनों निलंबित जेई बुंदेलखंड से संबद्ध कर दिया गया है। इलाहाबाद से वाराणसी कमिश्नरी पहुंचे मुख्य सचिव ने बताया कि 201 करोड़ रुपये की वरुणा कॉरिडोर योजना में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नए बने 28 ओवरहेड टैंकों से 14 साल बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर इसकी विजिलेंस जांच का आदेश दिया। कमिश्नरी में जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याएं सुनने और जनसुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया।
बनारस दौरे पर आए मुख्य सचिव ने कहा कि वरुणा कॉरिडोर में उपकरणों के हस्तांतरण को लेकर सिंचाई विभाग के मैकेनिकल और सिविल के जेई आपस में उलझे थे। इसके चलते निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा था। कमिश्नरी से निकलते निकलते मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के एई डीआर तिवारी को भी जमकर फटकार लगाई। खराब ट्रांसफार्मर को समय से न बदले जाने और ग्रामीणों को कई बार दौड़ाने की शिकायत पर मुख्य सचिव ने इलाहाबाद के स्टोर के अधिशासी अभियंता शंकर शाही को हटाने का निर्देश दिया। इस पर पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शाही की जगह तारिक जलील की तैनाती कर दी है। मुख्य सचिव के कड़े तेवर से सिंचाई विभाग समेत समूचे प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति रही।
मुख्य सचिव ने बताया कि 75 में से 28 ओवरहेड टैंक 2002 से बनकर तैयार हैं लेकिन इनसे अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। यह गंभीर मामला है। डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया कि थानों पर जाकर सीधे जनता की समस्याएं सुनें। रमना में हुए रेप मामले की जानकारी पर मुख्य सचिव ने एसएसपी को कड़ी ताकीद की। कहा कि रेप मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराएं और डीएम को निर्देश दिया कि इन पर गैंगस्टर लगाया जाए।
बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर विद्युत सुविधा केंद्र खोलने का निर्देश मुख्य सचिव ने दिया। मुख्य सचिव दोपहर बाद पौने चार बजे इलाहाबाद से स्टेट प्लेन से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। सर्किट हाउस में गार्ड आफ आनर लेने के बाद कमिश्नरी पहुंचे। जहां कांग्रेस, भाजपा, बसपा और सपा के जनप्रतिनिधियों ने उनके समक्ष जनसुविधाओं से जुड़े मसले उठाए। मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर मुख्य सचिव वापस लखनऊ लौट गए।