पं. जसराज अखबार पढ़कर थोड़ा भड़क गए और पता लगवाया कि किसने लिखा है? मुझे शाम को उनके पास ले जाया गया। उन्होंने कहा कि बहुत बड़े समझदार हैं। मैंने कहा बहुत बड़ा तो पता नहीं लेकिन संगीत समझता हूं। पंडित जी ने कहा कि आपने व्यंग्य किया है। मैंने कहा कि आप राग नट नारायण गाइए लेकिन वह हाई ब्लडप्रेशर के लिए है या लो ब्लडप्रेशर के लिए ऐसा बताने की क्या जरूरत है। इसके बाद मामला शांत हो गया और वह भी हंसने लगे।
संकटमोचन से उनका लगाव गत 50 वर्षों की एक अद्भुत यथा कथा है। 70 के दशक से उन्होंने संकटमोचन संगीत समारोह में आना शुरू किया तबसे खुद को कभी नहीं रोका।