फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल निगम के कागजी कार्रवाई की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। नौ साल पहले शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने की परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद भी 30 जून को पूरी नहीं हो पाई। सीएम की तय समयसीमा पूरी होने के बाद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कराए गए कामों के सत्यापन के लिए नगर आयुक्त, जीएम जलकल और अधिशासी अभियंता नलकूप की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी शहर में पेयजल लाइन के लीकेज, टंकियों में पानी और घरों में आपूर्ति की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। तीन जुलाई तक यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर शासन से गाइड लाइन मांगी जाएगी।
विज्ञापन

जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत वर्ष 2010 में 622 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना शुरू कराई गई। इसमें पाइप लाइन और पानी की टंकियों का निर्माण कर जोनवार पानी की आपूर्ति की योजना थी। 21 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में 30 जून तक काम पूरा करने की समयसीमा तय की थी। काम नहीं पूरा होने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। प्राथमिक जांच में सोमवार को शहर के सात जगहों पर लीकेज, बिरदोपुर, चुप्पेपुर, अनंता कालोनी, नदेसर सहित कई अन्य जगहों पर आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई थी।
चार साल से बढ़ रही समयसीमा
इस योजना को पूरी करने की समयसीमा 2015 थी, मगर लगातार इसकी तारिख बढ़ती गई है। इसमें 35 टंकियों का निर्माण किया गया, मगर इसमें कनेक्शन नहीं होने से वे सूखी पड़ी हैं। इस परियोजना में देरी के लिए जिम्मेदार अफसरों के लिए 2010 से अब तक तैनात अभियंताओं की सूची तलब की है। अभियंताओं की भूमिका और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें