जानलेवा हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए जल निगम (पेयजल) के अवर अभियंता सुशील कुमार गुप्ता (34) ने मंगलवार की दोपहर नई दिल्ली स्थित एम्स में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद जेई का शव भदोही जिले के गोपीगंज थाना के लालानगर गांव स्थित उनके पैतृक आवास ले आया जाएगा।
उधर, इस मामले के दस आरोपियों के खिलाफ लंका थाने में दर्ज मुकदमे को पुलिस ने हत्या में तरमीम कर दिया है। साथ ही, सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अब तक आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है लेकिन लगातार दबिश के बावजूद दो की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
लंका-अस्सी मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के समीप लंका-रवींद्रपुरी मार्ग पर बीते पांच जून की रात पेयजल पाइपलाइन की गैपिंग सही कराने का काम जेई सुशील कुमार और ठेकेदार कमलेश कुमार सिंह व भूपेंद्र सिंह करा रहे थे।
रात 1:30 बजे के लगभग रवींद्रपुरी की ओर से आए बाइक सवार दो युवक गड्ढे में बाइक फंसने के बाद उनसे उलझ गए। फिर अपने दस से पंद्रह दोस्तों को बुला लिया। फिर सभी ने हॉकी, डंडा, रॉड, ईंट-पत्थर से जेई और ठेकेदारों पर हमला कर दिया।
गंभीर रूप से जख्मी जेई और ठेकेदारों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर जेई को एयर एंबुलेंस से सात जून को एम्स भिजवाया गया।
आईसीयू में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे जेई सुशील को मंगलवार की दोपहर 1:20 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बारे में इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि जेई की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम नई दिल्ली भेजी गई है।
दर्ज मुकदमे को हत्या में तरमीम करने के साथ ही सभी दस आरोपियों पर गैंगस्टर लगाया गया है। इनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके विरुद्ध जल्द ही कुर्की की कार्रवाई भी होगी।