भूमि अधिग्रहण के खिलाफ धरने पर बैठे किसान
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ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसान और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को चंदौली जिले के सराय गांव में सुबह दल बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भूमि पर कब्जा करने और काम कराने पहुंच गए।
इसकी सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों किसान विरोध में धरने पर बैठ गए। विरोध को देखते हुए चंदौली, मुगलसराय और चकिया एसडीएम भी पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान बिना उचित मुआवजा दिए भूमि पर कब्जा देने के लिए राजी नहीं हुए।
दोपहर में चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव मौके पर पहुंचे और डीएम को बुलाने की मांग की। डीएम के न पहुंचने पर चेतावनी दी कि भूमि पर जबरन कब्जा किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। देर शाम तक किसान और प्रशासनिक अधिकारी आमने-सामने डटे रहे।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है। चंदौली जिले में रेलवे इसके लिए भूमि अधिग्रहण कर रही है। मुगलसराय तहसील अंतर्गत रेवसा गांव के 40 से अधिक किसानों की भूमि रेलवे लाइन में जा रही है।
किसानों की मानें तो पूर्व एडीएम संतोष कुमार ने 8 नवंबर 2011 को लिखित रूप से दिया था कि जिन किसानों की भूमि ली जाएगी, उन्हें 28 हजार रुपये प्रति बिस्वा मुआवजा के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
इस पर किसान सहमत हो गए। अब तक किसानों के परिवार के किसी सदस्य को नौकरी नहीं मिली। दूसरी तरफ गंजख्वाजा और रामपुर के किसान कम मुआवजा के खिलाफ कोर्ट में चले गए।
किसी को मिला नौ लाख तो किसी को मात्र 26 हजार
पुलिस बल के साथ फ्रेट कारिडोर का काम कराने पहुंचे अधिकारी
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इसके बाद उन किसानों को नौ से 13 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा दिया गया जबकि रेवसा के किसानों को 26 हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।
मंगलवार की सुबह दस बजे रेलवे अधिकारी, मुगलसराय एसडीएम मनोज कुमार, अलीनगर पुलिस के साथ जेसीबी, हाइड्रा, रोलर आदि के साथ पहुंच कर काम शुरू करा दिया।
इसकी भनक लगते ही रेवसा सहित आस पास के गांवों से पांच से छह सौ की संख्या में मौके पर पहुंच कर काम रुकवा दिया और समीप ही धरने पर बैठ गए। किसानों के अड़ियल रवैये को देखते हुए सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल की देख रेख में मुगलसराय, अलीनगर, सकलडीहा, बलुआ थाने से बड़े पैमाने पर पुलिस बल मौके पर पहुंच गई।
यही नहीं चकिया एसडीएम दिप्तीदेव, सदर एसडीएम राकेश भी मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने।