यहां कैरेज विभाग की टीम ट्रेनों की जांच कर रही थी। इस बीच एसएसई एसएम शुक्ला पार्सल यान के पास गए तो कोच की स्प्रींग दबी मिली। जांच में पता चला कि कोच में क्षमता से अधिक सामान लादा गया है। उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूचना पाकर सीनियर डीएमई कैरेज श्रवण कुमार, पार्सल पर्यवेक्षक, स्टेशन अधीक्षक नरेन्द्र कुमार, स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला, सीएसजी अशोक अनिल आदि मौके पर पहुंच गए।
जांच के बाद पार्सल कोच को खाली कराने का निर्णय लिया गया। आनन फानन में कर्मचारियों को लगाकर कोच के सामान को बाहर निकाला गया। इसके बाद ट्रेन को करीब एक बजे आगे के लिए रवाना किया गया। ढाई घंटे ट्रेन के स्थानीय स्टेशन पर खड़े रहने पर यात्री रेल प्रशासन को कोसते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि जैसलमेर से ही ट्रेन अधिक दब रही थी।
इसकी शिकायत भी की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वाराणसी में दो घंटे ट्रेन खड़ी रही और अब यहां भी इतनी देर खड़ी रही। इससे त्योहार के समय घर पहुंचने में दिक्कत होगी। स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला ने बताया कि लीज कंपनी से जुुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।