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Dev Diwali: देव दिवाली पर जाह्नवी सेवा समिति ने की गंगा की विशेष आरती, बीस सालों से हर साल कर रहे आयोजन

Tue, 28 Nov 2023 04:43 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गंगा आरती के बाद भक्तों के लिए भक्ति संगीत और शास्त्रीय नृत्य का आयोजन किया गया। समिति के प्रबंधक अभिषेक शुक्ला का परिवार लगभग बीस सालों से गंगा की विशेष आरती का आयोजन करता है। 
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Dev Diwali - फोटो : संवाद
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विस्तार
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देव दीपावली पर पुराने अस्सी घाट पर सोमवार की शाम जाह्नवी सेवा समिति द्वारा गंगा की विशेष आरती की गई। इससे पहले सुबह के समय डॉ. राजेंद्र पचौरी, त्रिलोकी शुक्ला, गोविंद शुक्ला और गोपाल शुक्ला ने गंगा का दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से अर्चना की।

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Dev Diwali - फोटो : संवाद
शाम के समय 11 अर्चकों ने मंत्रोच्चारण के साथ गंगा का पूजन-अर्चन कर महाआरती की। इस दौरान प्रदेश के मंत्री दयाशंकर मिश्र, मेयर अशोक तिवारी और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव मौजूद रहे।

Dev Diwali - फोटो : संवाद
गंगा आरती के बाद भक्तों के लिए भक्ति संगीत और शास्त्रीय नृत्य का आयोजन किया गया। समिति के प्रबंधक अभिषेक शुक्ला का परिवार लगभग बीस सालों से गंगा की विशेष आरती का आयोजन करता है। 

देव दीपावली का साक्षी बनने के लिए पहली बार आठ लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचे काशी
देव दीपावली को राजकीय सम्मान मिलने के बाद हुए पहले आयोजन में प्रशासन के साथ सभी विभागों ने कमान संभाली। नगर निगम, विकास प्राधिकरण सहित अन्य सरकारी विभागों ने इस आयोजन में अपने खजाने का मुंह खोला। नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक सजावट पर तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके साथ ही पर्यटन विभाग ने दीया, बाती और अन्य आयोजन पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया।
 
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Dev Diwali - फोटो : संवाद
पहली बार आठ लाख सैलानी देव दीपावली का साक्षी बनने के लिए काशी पहुंचे। सबसे अहम 70 देशों के राजदूतों की मौजूदगी से पूरी दुनिया में इस महाआयोजन की चर्चा हो रही है। इससे पहले तक इस आयोजन में नगर निगम, विकास प्राधिकरण सहित अन्य विभाग पूरी तरह शामिल नहीं होते थे। दरअसल, प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने देव दीपावली को राजकीय मेला घोषित किया है। राजकीय मेले के रूप में पहली बार सोमवार को यह आयोजन हुआ। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि राजकीय मेला घोषित होने के बाद इसके सभी आयोजन में होने वाले खर्च को शासन वहन करेगा।
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