मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर जफर सरेशवाला
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मदरसों में बच्चों को दीनी तालीम देने के साथ अब हुनरमंद बनाया जाएगा। मदरसा छात्र कंप्यूटर में और लड़कियां फैशन डिजाइनिंग में अपनी सक्रियता और हुनर दिखाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मदरसों में वर्चुअल क्लास की शुरुआत करने वाले पीएम मोदी के खास जफर सरेशवाला ने यह पहल की।
बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर की शिक्षा के साथ ही उन्हें व्यावसायिक शिक्षा भी दी जाएगी। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के चांसलर जफर सरेशवाला की पहल पर करीब तीन महीने पहले पीलीकोठी स्थित मदरसा चिराग-ए-उलूम में वर्चुअल क्लासरूम की शुरुआत की गई।
बच्चे दीनी तालीम के साथ अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों को पढ़ सकें और आगे डॉक्टर, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सके इस सोच के साथ इसकी शुरुआत की गई। अब बच्चों को हुनरबंद बनाने के लिए कंप्यूटर और फैशन डिजाइनिंग के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
मदरसा चिराग-ए-उलूम निस्वां पीलीकोठी और बुनकर मार्केट स्थित मदरसा चिराग-ए-उलूम में कंप्यूटर लैब बनकर तैयार है। बोर्ड परीक्षा के बाद करीब महीने भर में ये कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। ये कोर्स मदरसा मजहरुल उलूक और मदरसा इस्लामिक मदनपुरा में भी शुरू होना है।
बोर्ड एग्जाम के बाद यहां पर भी लैब का काम शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट को देख रहे मतीन कैफी ने बताया कि दोनों ही मदरसों में 12-12 कंप्यूटर के लैब बनाए गए हैं। मदरसा चिराग-ए-उलूम निस्वां, मदरसा मजहरुल उलूम व मदरसा इस्लामियां में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स चलेगा।
15 मई के बाद सिलाई मशीनें वगैरह मुहैया करा दिए जाएंगे। इसमें अराइज एंड अवेक के साथ सन फाउंडेशन सहयोग कर रहा है। इस पहल की शुरूआत बनारस के साथ भदोही, मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर में होगी।