इसमें अगरबत्ती की कीमत 120 रुपये रखी गई है, जिसमें 20 रुपये का लाभांश मंदिर प्रशासन को प्राप्त होगा। इसमें मंदिर से निकलने वाले निर्माल्य और घाटों पर फूल-माला को एकत्रित किए जाएंगे। वहां से मोटरबोट द्वारा फूल-माला को प्लांट तक ले जाया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंदिर के स्टाल आदि पर जल्द ही यह बिक्री के लिए आएगा। अगस्त में इसका लोकार्पण कराया जाएगा।