रीजनल एकेडमिक सेंटर ऑफ स्पेस की सहायता से स्पेस साइंस और स्पेस टेक्नोलॉजी के शोध में मदद मिलेगी। साथ ही स्पेस अप्लीकेशन के अंतर्गत होने वाले शोधों से कृषि, दूरसंचार, मौसम विज्ञान और जल संसाधन आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हो सकेगी। इसरो के साइंटिफिक सेक्रेटरी आर उमामहेश्वरन ने भी सेंटर से जुड़ी जानकारी दी।
आईआईटी और इसरो के संयुक्त प्रयास से बीटेक और एमटेक के छात्रों के लिए शार्ट टर्म और एक वर्षीय प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा। इसमें शोध करने वाल छात्रों को लांग टर्म आरएंडडी प्रोजेक्ट में वरीयता दी जाएगी।
प्रो. पीके जैन, निदेशक, आईआईटी बीएचयू