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स्टॉक रजिस्टर में मिली अनियमितता, स्टोर इंचार्ज निलंबित

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पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में सप्ताह भर में पांच मौत और एक कैदी के फरार होने के बाद प्रशासनिक जांच तेज हो गई है। बुधवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा मानसिक चिकित्सालय पहुंचे। जांच टीम के साथ बैठक के बाद डीएम ने कहा कि चिकित्सालय में लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
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इससे पहले जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान कई गड़बड़ियां मिलीं। न तो किसी वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे न ही संविदा कर्मचारियों द्वारा मरीजों की ढंग से देखभाल की जा रही थी। चिकित्सक और कर्मचारियों को चेतावनी देने के साथ ही जिम्मेदारी से ड्यूटी करने की हिदायत दी। कार्यालय के स्टोर रजिस्टर, स्टॉक की जांच में गंभीर लापरवाही मिली। इस पर उन्होंने स्टोर इंचार्ज काशीनाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने एडीएम व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की दो सदस्यीय टीम बनाई है। जो कि व्यवस्था की जांच कर रहे हैं। इसकी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत होनी है। सभी रिकॉर्ड समिति द्वारा एकत्र किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी वार्डों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया। निरीक्षण में मरीजों की देखभाल तथा साफ-सफाई वाले कर्मियों, इंचार्ज चिकित्सक व महिला मरीजों के लिए नियुक्त सेविकाओं की लापरवाही सामने आई। ऐसे में बुधवार से ही मरीज वार ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने खड़े होकर मरीजों के बढ़े हुए बाल और नाखून कटवाए। साथ ही सभी संविदा कर्मियों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में मरीजों की देखभाल अच्छे से नहीं हुई तो संविदा समाप्त कर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। मानसिक चिकित्सालय की निदेशक को मरीजों की नियमित जांच कराने का निर्देश देते हुए परिसर के अंदर बंद पड़ी लैब को चालू कराने के निर्देश दिए। इसके लिए फार्मासिस्ट को ट्रेनिंग दिलाकर लैब में लगाने की बात कही। मेस में प्रतिदिन खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए एक फार्मासिस्ट को बतौर नोडल कर्मचारी तैनात करने का निर्देश दिया।
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वित्तीय कमेटी बनी
वाराणसी। जिलाधिकारी ने अस्पताल की कमियों को 24 घंटे के अंदर दुरुस्त करने का आदेश दिया है। बताया कि गर्मी और बरसात को देख बाहर से भी स्टाफ बढ़ाए जाएंगे। वित्तीय कमेटी भी बनाई गई है। दो वर्षों में वित्तीय कार्य कराए गए हैं वह जमीन पर हुए हैं या नहीं।
गंभीर हालत में महिला को रेफर क्यों नहीं किया
अस्पताल में पांचवीं मौत से उठ रहे सवाल, पीएम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
वाराणसी। रोगी पिंकी टंडन (35) की बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत हो गई। अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार, दो जून 2022 को सीजेएम के आदेश पर पिंकी को पांडेयपुर स्थित मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिंकी का इलाज डॉक्टर अरविंद कर रहे थे। हालांकि पिंकी मंगलवार दिन तक एकदम ठीक थी। रात में ड्यूटी पर चिकित्सक के नहीं होने से पिंकी को सही समय पर इलाज नहीं मिल सका। मानसिक अस्पताल की निदेशक डॉ. लिली श्रीवास्तव ने बताया कि मरीज ने रात में जब खाना खाया तो वह ठीक थी। देर रात अचानक तबीयत खराब हुई तो उसे दवा दी गई। हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पीएम रिपोर्ट आते ही स्थिति साफ हो जाएगी। हालांकि, सवाल यह है कि जब मरीज की हालत गंभीर हो गई तो उसे दूसरे अस्पताल में क्यों नहीं रेफर किया गया। बिना चिकित्सक फार्मासिस्ट व स्टाफ के भरोसे इतना बड़ा अस्पताल रात को कैसे चलता है।
बदली व्यवस्था, मरीजों की हुई जांच
वाराणसी। मानसिक चिकित्सालय में जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद रात में ही निदेशक को पत्र लिखकर 24 घंटे के अंदर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। बुधवार सुबह इनडोर मरीजों की जांच के लिए चिकित्सकों की टीम मानसिक चिकित्सालय पहुंची। ब्यूरो
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