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Varanasi News: ईरानी गैंग ने लूटी थी 27 किलो चांदी, आरोपी की पत्नी सराफ को बेचती थी; दोनों आरोपी भेजे गए जेल

Wed, 05 Aug 2026 01:52 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में 27 किलो चांदी की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय ईरानी गैंग के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गैंग के चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।
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मुठभेड़ में गिरफ्तार साबिर अली व मसाल्लाह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खुद को क्राइम ब्रांच बताकर 27 किलो चांदी लूटने वाले अंतरराज्यीय ईरानी गैंग के मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन और माशाल्लाह हैं। आरोपियों के पास से 4 किलो चांदी की बटिया, 15 हजार रुपये, .315 बोर के दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए। सीजेएम कोर्ट ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। सोमवार देर रात चौक, लंका और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को लंका थाना क्षेत्र के लौटूवीर पुलिया के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। ईरानी गैंग के चार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।

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क्या है पूरा मामला
काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि दोनों आरोपी भोपाल के ईरानी गैंग से जुड़े हैं। मध्य प्रदेश भोपाल के निशादपुरा थाना क्षेत्र करोध अमर कॉलोनी स्थित रायसेन हाल ईरानी बस्ती निवासी मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन और मध्य प्रदेश के हुसंगाबाद पिपरिया निवासी माशाल्लाह हैं। दोनों ने दो अन्य साथियों के साथ पहले सराफा मंडी की रेकी की और फिर 16 जुलाई को चौक के गोविंदपुरा में आभूषण व्यवसायी शशि कुमार वर्मा के दो कर्मचारियों को खुद को क्राइम ब्रांच बताकर डरा धमका कर चांदी से भरा बैग लेकर भाग निकले थे। दोनों पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन पर दिल्ली, जयपुर और वाराणसी में आर्म्स, लूट समेत अन्य आरोपों में 11 प्राथमिकी दर्ज है। माशाल्लाह पर वाराणसी के चौक और लंका थाने में दो आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। मुठभेड़ में आरोपियों के दोनों पैर में गोली लगी है। उपचार के बाद आरोपियों को जेल में दाखिल करा दिया गया। मुठभेड़ में आरोपियों की गोली से एसओजी प्रभारी गौरव सिंह घायल हो गए। दाहिने बांह में गोली लगी थी, जिनका बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार हुआ।

फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लूटने के लिए कुख्यात है ईरानी गैंग
वाराणसी। ईरानी गैंग की वाराणसी में यह पहली वारदात नहीं है। मार्च 2022 में भी यह गैंग बुजुर्गों और कारोबारियों को अपना निशाना बना चुका है। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने ईरानी गैंग पर चाबुक चलाया था और भोपाल से ईरानी गैंग के सरगना समेत 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। यह गैंग पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ बनकर ही लोगों, कारोबारियों को अपना शिकार बनाता है। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है। सरगना अबू हैदर और मेहंदी हसन के इशारे पर बदमाश कई राज्यों में वारदात करते हैं। लूट को अंजाम देने के बाद गिरोह के बदमाश दूसरे राज्य या शहरों में फ्लाइट से जाते हैं। इस गैंग का मुख्य गढ़ मध्य प्रदेश के भोपाल में ''ईरानी डेरा'' माना जाता है, जहां से यह पूरा नेटवर्क संचालित होता है।

24 मार्च 2022 को कबीरचौरा में गाजीपुर के किराना कारोबारी तबरेज आलम से पुलिसकर्मी बनकर आठ लाख रुपये लूटे गए थे। इस मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। जनवरी 2020 में चेन्नई में दो करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण लूटकांड को भी ईरानी गैंग ने अंजाम दिया था।

2022 में कैंट क्षेत्र के अर्दली बाजार और भेलूपुर इलाके में बुजुर्ग महिलाओं को फर्जी पुलिस चेकिंग का झांसा देकर उनके सोने के कंगन और आभूषण लूटने के मामले सामने आए थे। ईरानी गैंग के 6 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
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गैंग की मुख्य विशेषताएं और तौर-तरीके नकली पहचान
ईरानी गैंग के सदस्य अक्सर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी, सीबीआई या क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनते हैं। यह सड़क पर जा रहे बुजुर्गों या व्यापारियों को रोकते हैं और कहते हैं कि आगे चेकिंग चल रही है या मर्डर हुआ है, अपने आभूषण व पैसे निकालकर बैग में रख लो। झांसा देकर ये पीड़ितों के पैसे या आभूषण गिनने या पैक करने का नाटक करते हैं और पलक झपकते ही उन्हें नकली सामान या कागज के बंडल से बदल देते हैं। इस गैंग के सदस्यों का रंग-रूप काफी साफ और कद-काठी मजबूत होती है, जिससे लोग इन्हें आसानी से असली पुलिस अधिकारी समझ बैठते हैं। ये हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाएं बहुत अच्छे से बोलते हैं। यह गैंग किसी भी शहर में दो दिन से ज्यादा नहीं टिकता। दिल्ली, उत्तर प्रदेश (वाराणसी, आगरा), महाराष्ट्र (मुंबई), गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश सहित देश के 12 से अधिक राज्यों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है।
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