पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है, जो गांव और शहरों में दवा बेचने के बहाने लोगों से संपर्क करता था। वे यौन रोग और कमजोरी का डर दिखाकर लोगों को झांसे में लेते और नकली दवाएं देकर मोटी रकम वसूलते थे। आरोपियों ने दो अगस्त को पवई क्षेत्र की एक दुकान से करीब पांच हजार रुपये चोरी करने की बात भी स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, तीन हजार रुपये नकद, एक आधार कार्ड, विभिन्न दवाखानों के 12 विजिटिंग कार्ड तथा एक कार बरामद की है। इस संबंध में सिधारी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि गैंग के सरगना ध्यान सिंह के खिलाफ पहले से लखनऊ, सिधारी और पवई थानों में ठगी, धोखाधड़ी और अन्य मामलों के तीन मुकदमे दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।