गंगोत्री सेवा समिति के महासचिव दिनेशशंकर दुबे ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, योग साधकों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस दौरान संस्था के संथा प्रसाद, दिनेश सैनी और संजय सेठ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका मोनिका अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मां गंगा के तट पर आयोजित यह विराट योग समारोह भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर लोगों के मन में विशेष छाप छोड़ गया।