अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर शनिवार को 175 छात्र और पर्यटक देश की ऐतिहासिक थाती से रूबरू हुए। संग्रहालयों में भ्रमण किया और ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों की बारीकियां जानीं। विविध आयोजन भी हुए। छायाचित्र प्रदर्शनी व प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। सारनाथ संग्रहालय में पर्यटकों के लिए निशुल्क प्रवेश की छूट रही।
क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग की ओर से लालबहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर में भ्रमण, परिसंवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। विद्यालयों के 150 से अधिक विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न राज्यों के पर्यटकों ने संग्रहालय का भ्रमण किया और लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाना। लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता विद्यार्थियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया।
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं संग्रहालय
संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष अवलोकन और व्यावहारिक अनुभव से सीखने का एक अनूठा अवसर है। यह सांस्कृतिक कलाकृतियों और ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित करने में मदद करता है। साथ ही संग्रहालय सांस्कृतिक जागरूकता और समझ को बढ़ावा देते हैं।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारीलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विश्वविद्यालय के पुरातत्व संग्रहालय में काशी विरासत के आलोक विषय पर लगी तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन एवं कार्यशाला के समापन पर यह विचार रखे। इस दौरान हीरककांत चक्रवर्ती, डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी डॉ. विशाखा शुक्ला मौजूद रहे।
150 विद्यार्थी शास्त्री जी के व्यक्तित्व से हुए रूबरू
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर क्षेत्रीय पुरातत्व की वाराणसी इकाई और लालबहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर की ओर से शनिवार को संग्रहालय भवन में भ्रमण, परिसंवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। विद्यालयों के 150 से अधिक विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न राज्यों के पर्यटकों ने संग्रहालय का भ्रमण किया और लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाना।
परिसंवाद में डॉ. सुजीत कुमार चौबे ने विरासत आरक्षण और शिक्षा के केंद्र में संग्रहालय तथा डॉ. हरेंद्र कुमार सिंह ने इतिहास लेखन में अभिलेखीय साक्ष्यों के महत्व से विद्यार्थीयों को परिचित कराया। इस दौरान क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र यादव, विनय मौर्य, बिहारीलाल, प्रशांत राय मौजूद रहे।
150 विद्यार्थियों ने शास्त्री जी के संग्रहालय को देख उनके व्यक्तित्व से हुए रूबरू
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर क्षेत्रीय पुरातत्व की वाराणसी इकाई और लालबहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर की ओर से शनिवार को संग्रहालय भवन में भ्रमण, परिसंवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। विद्यालयों के 150 से अधिक विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न राज्यों के पर्यटकों ने संग्रहालय का भ्रमण किया और लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाने।
परिसंवाद में डॉ. सुजीत कुमार चौबे ने विरासत आरक्षण और शिक्षा के केंद्र में संग्रहालय तथा डॉ. हरेंद्र कुमार सिंह ने इतिहास लेखन में अभिलेखीय साक्ष्यों के महत्व से विद्यार्थीयों को परिचित कराया। इस दौरान लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता विद्यार्थियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया।
क्षेत्रीय पुरातत्त्व अधिकारी डॉ. सुभाषचन्द्र यादव ने विजेता सात्विक जायसवाल, भव्य शर्मा, वैभव सिंह, अंश चौबे, आकृति शर्मा, ईशान अधिकारी, विक्रांत रंजन, दक्ष, शान्वी गौतम और अंशुल चौहान को पुरस्कृत किए। संयोजन और स्वागत डॉ. सुभाष चन्द्र यादव ने किया। इस मौके पर विनय मौर्य, बिहारीलाल, प्रशांत राय, मनोज कुमार, महेंद्र लाल, वंदना गुप्ता, अभिषेक सिंह आदि रहे।