कथक विधा से जुड़े गौरव-सौरभ मिश्र
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कथक के बनारस घराने के गुरु पांडेय महाराज के पौत्र और सितारा देवी के शिष्य विशाल अपने गुरु से प्राप्त थाती को सहेजने के साथ नई पीढ़ी में कथक के संस्कार डालकर एक नई पौध तैयार कर रहे हैं। विशाल ने अपने नृत्य के जरिए भारत के विभिन्न राज्यों ही नहीं विदेशों में भी कृष्ण रूप को प्रस्तुत कर चुके है। इसके साथ ही विशाल छोटे पर्दे के रियलिटी शो में भी हिस्सा लेकर अपने नृत्य के जरिए पहचान बना चुके हैं। विशाल ने बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी के साथ भी कई कार्यक्रमो में संगत कर चुके हैं।
कथक नृत्य प्रस्तुत करते विशाल कृष्णा
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काशी की गलियों में रहने वाली धन्नो को पूरी दुनिया कथक क्वीन सितारा देवी के नाम से जानती है। 16 साल की उम्र में सितारा देवी का नित्य देखकर गुरु रविंद्र नाथ टैगोर ने उन्हें कथक क्वीन का खिताब दिया था। कथक को विश्व फलक तक पहुंचाने का श्रेय सितारा देवी को ही जाता है। नृत्य प्रतिभा की बदौलत ही छोटी उम्र में सितारा देवी को फिल्मों में काम करने का मौका मिला। मुंबई के बिरला मातोश्री हॉल में बनाया गया रिकॉर्ड उनके जीवन की बेहतरीन पूंजी थी। सितारा देवी ने वहां लगातार 12 घंटे तक नृत्य किया था।
प्रख्यात कथक नृत्य गुरु पंडित बिरजू महाराज
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नृत्य अब सिर्फ कला नहीं लोगों की जरूरत बन गया है पहले जहां इसे सिर्फ एक कला के रूप में देखा जाता वहीं अब यह फिटनेस मंत्र के रूप में देखा जा रहा है बच्चों और किशोरियों के अलावा अब महिलाओं में नृत्य का चलन बढ़ गया है। कोरोना काल के दौरान महिलाओं ने खुद को फिट रखने के लिए जुम्बा डांस का सहारा लिया था। निजी डांस एकेडमी में आने वाले डांस स्टूडेंट्स में करीब 40 प्रतिशत महिलाएं हैं।
बनारस घराने के प्रमुख सितारे
सितारा देवी, बिरजू महाराज, लच्छू महाराज, सुखदेव महाराज, गोपीकृष्ण, शोभना नारायण, मालविका सरकार, चंद्रलेखा, बिंदादिन महाराज, अच्छन महाराज