फ्लाइट के पहुंचने के बाद जब यात्रियों को बोर्डिंग के लिए बुलाए जाने की उम्मीद थी, तभी उन्हें पता चला कि फ्लाइट नहीं जाएगी। उधर, पायलट व क्रू मेंबर एयरपोर्ट से होटल के लिए रवाना हो गए। लंबे इंतजार के बाद जब यह स्पष्ट हुआ कि फ्लाइट अब रवाना नहीं होगी, तो यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। बाद में एयरलाइंस के अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद सभी यात्रियों को अलग-अलग होटलों में ठहराने की व्यवस्था की गई। बुधवार को कोलकाता जाने वाली फ्लाइट से यात्रियों को वहां भेजा गया।
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क्या बोले अधिकारी
पायलटों और केबिन क्रू के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) लागू है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चालक दल अत्यधिक थकान की स्थिति में उड़ान न भरें और उड़ान की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। वाराणसी में क्रू की उपलब्धता न होने के कारण फ्लाइट को एयरपोर्ट पर ग्राउंड कर दिया गया। सभी यात्रियों के ठहरने की उचित व्यवस्था की गई और अगले दिन उन्हें दूसरे विमान से भेजा गया।
-पुनीत गुप्ता, निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर