केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली टीम बृहस्पतिवार को बीएचयू में आएगी। यही टीम जगह तय करेगी। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के स्तर पर अभी ट्रॉमा सेंटर परिसर, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के बगल में खाली पड़ी जमीन और इसी ब्लॉक के सामने पेट्रोल पंप वाली जगह पर सेंटर बनाने का विचार चल रहा है। माना जा रहा है कि मंत्रालय की टीम इन तीनों जगहों का दौरा करेगी। टीम जहां भी मुहर लगगेगी, वहां सेंटर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। सेंटर खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान से संबद्ध सर सुंदरलाल अस्पताल में इलाज कराने के लिए रोजाना अलग-अलग विभागों में वाराणसी सहित आसपास के जिलों, बिहार, झारखंड व नेपाल से करीब पांच हजार लोग आते हैं। इसमें करीब 25 फीसदी 60 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के होते हैं।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान में नेशनल जीरियाट्रिक सेंटर खोलने के प्रस्ताव पर विश्वविद्यालय की संकाय स्तरीय समिति व कार्यकारिणी समिति की मुहर लग चुकी है। 23 फरवरी 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था। अब इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी मुहर लगा दी है।
आईएमएस बीएचयू में नेशनल एजिंग सेंटर बनाने की मंजूरी मिल गई है। इससे बुजुर्गों के इलाज में सहूलियत मिलेगी। इसका नोडल अधिकारी जीरियाट्रिक मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अनूप सिंह को बनाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके जरिये एम्स जैसी सुविधाएं देने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। मंत्रालय की टीम के दौरे के बाद जो रिपोर्ट तैयार होगी, उस आधार पर औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। -प्रो.एसके सिंह, निदेशक, आईएमएस बीएचयू