टेलीफोन पर हुई बातचीत में अर्जुन अवार्डी ओलंपियन ललित कुमार उपाध्याय ने बताया कि हॉकी को सफलता की ऊंचाईयों पर ले जाने का जो सपना मेघबरन स्टेडियम के संस्थापक स्व. तेजबहादुर सिंह ने देखा था। हम उसी को पूरा कर रहे हैं।
ललित वर्ष 2016 में मलेशिया व मस्कट दोनों स्थानों पर आयोजित एशियन चैंपियंस ट्राफी में स्वर्ण पदक विजेता टीम में शामिल रहे। फिर 2016-17 में भुवनेश्वर में आयोजित विश्व हॉकी लीग में ललित कांस्य पदक विजेता टीम में रहे। वर्ष 2017 में ही ढाका एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक व वर्ष 2018 की चैंपियंस ट्रॉफी में देश को रजत पदक दिलाने में कामयाब रहे।वर्ष 2018 में ही जकार्ता में आयोजित हुए एशिया गेम्स में भारत को कांस्य दिलाने में मदद की।
ओलंपिक समेत दो हॉकी विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके ललित उपाध्याय अब कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना जलवा बिखेरेंगे। ललित वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के छोटे से गांव भगतपुर के एक अति मध्यम परिवार से आगे आए। ललित अब तक 200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। बेहतर खेल के लिए 2017 में लक्ष्मण पुरस्कार और 2021 में अर्जुन अवार्ड से भी ललित को सम्मानित किया गया है। ललित बनारस के दूसरे हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन अवार्ड दिया गया है। 41 साल पहले हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद को अर्जुन अवार्ड दिया गया था।