प्रो. चौबे ने बताया कि 12 हजार पुरुषों के डीएनए सैंपल पर रिसर्च किया जा चुका है। इनके वाई क्रोमोजोम में पाए 32 म्यूटेशन की जांच की गई है। इस जांच में एक खास तरह का वाई क्रोमोजोम सबसे ज्यादा लोगों में पाया गया।
'मॉलिक्यूलर क्लॉक' से सुलझा 800 साल पुराना राज
रिसर्च में पता चला कि ये लोग मुख्य तौर पर सेंट्रल एशिया के रहने वाले थे। साथ ही दक्षिण एशिया के हजारा जनजाति के लोग थे। 'मॉलिक्यूलर क्लॉक' द्वारा काल का निर्धारण किया गया। तो पता चला समय 1200 ईसवी के आसपास का था। ये वही समय था, जब चंगेज खान ने इस इलाके में बर्बर आक्रमण किया था।
सभी सैंपलों में दिखा एक पैटर्न का वाई क्रोमोजोम
प्रो. चौबे ने बताया, 'इन सारे सैंपल के विश्लेषण में एक कॉमन बात देखी गई। इसमें एक ही तरह का वाई क्रोमोजोम दिख रहा था। जिसको वैज्ञानिक भाषा में स्टार क्लस्टर कहा गया। स्टार क्लस्टर तब बनता है, जब किसी एक व्यक्ति का डीएनए बहुत कम समय में काफी लोगों में फैल जाता है। चीन में चंगेज खां के सबसे ज्यादा वंशज हैं। वहां के कुछ ऐतिहासिक दस्तावेजों में चंगेज खान और उसके वंशजों की चर्चा है। यहां पर चंगेज का डीएनए सबसे तेज फैला है।'