08 अप्रैल्ा 2015 को संकट मोचन संगीम समारोह में पहुंचे गुलाम अली का स्वागत करते महंत विश्वंभर नाथ मिश्र
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट के बीच गीतों-गजलों के जरिए प्यार की नई कोपलें फूटेंगी। सरहद पार सुरों से मोहब्बत का पैगाम लेकर एक बार फिर पाकिस्तानी गजल सम्राट उस्ताद गुलाम अली संकट मोचन संगीत समारोह में हाजिरी लगाने काशी आएंगे। गुरुवार की दोपहर उन्होंने आने की स्वीकृति दे दी। संकट मोचन संगीत समारोह की पहली निशा गुलाम अली की गजलों से गुलजार होगी। उनके साथ भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित के भी समारोह में शिरकत करने के संकेत मिले हैं।
गुरुवार की दोपहर एक बजे उस्ताद ने संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभरनाथ मिश्र को फोन कर संगीत समारोह में हाजिरी लगाने की जैसे ही स्वीकृति दी, इसके तत्काल बाद तुलसी घाट पर इस खुशखबरी को साझा किया गया। महंत प्रो. विश्वंभर नाथ ने कहा कि संकट मोचन के दरबार में उस्ताद के हाजिरी लगाने से दिलों की दूरियां ही नहीं घटेंगी, आपसी सद्भाव भी बढ़ेगा। बता दें कि दो दिन पहले दिल्ली के अशोक होटल में एक शादी समारोह के दौरान गुलाम अली से महंत प्रो. विश्वंभर नाथ की मुलाकात हुई थी। महंत ने बताया कि 26 की शाम डॉ. विश्वनाथ के गायन से संगीत समारोह का आगाज होगा। इसके बाद गुलाम अली मंच संभालेंगे।
तुलसी घाट को अपना घर मानते हैं गुलाम अली
सनातनी आस्था के लिए जग विख्यात संकट मोचन मंदिर में उस्ताद गुलाम अली की यह दूसरी हाजिरी होगी। गुजरे वर्ष जब उस्ताद पहली बार आए थे तब उनकी शान में कोई कमी न रह जाए, इसका आयोजकों ने खास ख्याल रखा था। तब उस्ताद के ठहरने की व्यवस्था शहर के एक पांच सितारा होटल में की गई थी, लेकिन एयरपोर्ट से होटल पहुंचने के बाद उन्होंने वहां रहने से इनकार कर दिया था। गुलाम अली का कहना था कि वे होटल में नहीं, बल्कि अपने घर (महंत के घर में) में रहना पसंद करेंगे। यह बात जब संकट मोचन के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र को बताई गई, तब उन्होंने तत्काल उस्ताद को घर बुलवा लिया था।