तिरंगा बर्फी तीन परत में बनती है। तिरंगे की तरह केसरिया, सफेद व हरे रंग की होती है। स्वादिष्ट के साथ ही यह एकजुटता का भी संदेश देती है। पहले तिरंगा बर्फी सिर्फ काजू, पिस्ता और बीच में बादाम के परत से तैयार की जाती थी। हालांकि अब इसमें खोवा का भी मिश्रण हो रहा है।
बनारसी पान और मिठाई ने भी आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश को आजाद कराने के लिए बनारस में युवा-बुजुर्ग सड़क पर लड़ रहे थे तो यहां की मिठाई, पान और तवायफें उनका हौसला बढ़ा रही थीं। उस दौर में पहली बार बनारस में ही तिरंगा बर्फी बनी। वहीं दुनिया भर में मशहूर बनारसी पान पर भी अंग्रेजों ने प्रतिबंध लगा दिया था। अंग्रेजों को शक था कि स्वतंत्रता आंदोलन में पान की भी कोई भूमिका है इसलिए पान बेचने से लेकर खाने तक पर पाबंदी लगा दी गई थी। बावजूद इसके चोरी-चोरी घर-घर पान पहुंचता था।